बड़ी मशहूर है तू भक्तो से दूर है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी मशहूर है तू भक्तो से दूर है,

तू कैसे में आउ तेरे द्वार पे,

बता दे रे मैया कैसे में आउ तेरे द्वार पे...

कोई नहीं पास मेरे बुरे हालात मेरे,

कैसे में आउ तेरे द्वार पे,

बता दे रे मैया कैसे में आउ तेरे द्वार पे।

नैया हमारी मैया फंसी मझधार है,

तेरे सिवा ना मैया कोई खेवनहार है,

कर बेडा पार मैया होगा उपकार,

मेरा कर बेडा पार मैया होगा उद्धार मेरा,

कैसे में आउ तेरे द्वार पे बता दे रे मैया,

कैसे में आउ तेरे द्वार पे।

झूठा झंझाल मैया झूठा संसार है झूठी,

इस माया में फसे तेरे लाल है,

अब तो संभाल मैया हुआ बेहाल है,

कैसे में आउ तेरे द्वार पे,

बता दे रे मैया कैसे में आउ तेरे द्वार पे

देना सहारा मैया भक्तों की पुकार है,

आजा भवानी आजा तेरा इंतज़ार है,

कब स्वीकार अर्जी कब से लगाईं है,

कैसे में आउ तेरे द्वार पे,

बता दे रे मैया कैसे में आउ तेरे द्वार पे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।