मैया तू जाने

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ तेरे हाथों में तक़दीर मेरी,

दुःख दे या सुख दे मर्ज़ी है तेरी।

आई हूँ चरणों में अर्ज़ी लगाने

आगे तू जाने तेरा काम जाने

माँ तेरे हाथों में तक़दीर मेरी,

दुःख दे या सुख दे मर्ज़ी है तेरी।

राख मुझे तू राजमहल में,

चाहे झोपड़ियों में,

चाहे दे सिंहासन चाहे,

भटका तू गलियों में,

तुझसे ना कोई शिकवा करुँगी,

जैसे रखेगी वैसे रहूंगी,

मैया आई अपने मन की बात बताने,

आगे तू जाने तेरा काम जाने

माँ तेरे हाथों में तक़दीर मेरी,

दुःख दे या सुख दे मर्ज़ी है तेरी।

है तीनो लोको पे मैया,

एक तेरी ही सत्ता,

बिन तेरी मर्ज़ी के जग में,

ना हिल सकता पत्ता,

तेरे हवाले है मेरी नैया,

पार लगा या डुबो दे तू मैया,

आई जीवन की डोर थमाने,

आगे तू जाने तेरा काम जाने,

माँ तेरे हाथों में तक़दीर मेरी,

दुःख दे या सुख दे मर्ज़ी है तेरी।

अष्ट सिद्धि नवनिधि की दाता,

और मैं दीन भिखारन,

भीख दया की मांगे बस,

इतनी ये तेरी पुजारन

मांगू खज़ाना ना मेहले दुमहले,

जाउंगी कहीं ना अपने हाथ फैलाने

आगे तू जाने तेरा काम जाने

माँ तेरे हाथों में तक़दीर मेरी,

दुःख दे या सुख दे मर्ज़ी है तेरी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।