प्रीत की चादरिया ओड के सावरिया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रीत की चादरिया ओड के सावरिया गउ भजन झूम झूम के,

तू मेरा मैं तेरा अपना यह प्यारा नाता,

तेरे दर्श को तरषु तू क्यों मुझको तरसाता,

याचक हूँ हे प्रभु तेरे दीदार का,

प्रीत की......

राधा तेरे वश में रहता है कान्हा तेरा,

तू ही उसे समझा दे ना माने कान्हा तेरा,

तुझ को तो है पता प्रेमी के हाल का,

प्रीत की......

एक प्राथना हम भी करते है गिरधारी,

भेष बदल मत आना मैं मूरख निपट अनाडी,

आँखों में छाया है पर्दा ये माया का,

प्रीत की......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।