तुझे कबसे पुकारे तेरा लाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आजा, आजा, आजा,

आजा, आजा, आजा,

आजा माँ, आजा माँ,

माँ शेरोवाली, आजा मेहरों वाली।

तुझे कब से पुकारे तेरा लाल,

आजा माँ शेरोवाली,

तुझे कब से पुकारें तेरा लाल,

माँ शेरोवाली, आजा मेहरो वाली।

वारूँ तुझपे मैं पूजा के थाल,

वारु तुझपे मैं पूजा के थाल,

आजा माँ शेरोवाली,

तुझे कब से पुकारें तेरा लाल,

माँ शेरोवाली, आजा मेहरो वाली।

लगते है झूठे माँ सहारे सारे जग के,

रोना है मुझे तेरे चरणों से लग के,

लगते है झूठे माँ सहारे सारे जग के,

रोना है मुझे तेरे चरणों से लग के,

चरणों से लग के,

मेरे आंसू कहेंगे मेरा हाल,

आजा माँ शेरोवाली,

मेरे आंसू कहेंगे मेरा हाल,

तुझे कब से पुकारें तेरा लाल,

माँ शेरोवाली, आजा मेहरो वाली।

भक्ति में तेरी मैंने जीवन की शाम की,

पल पल जपी है मैया माला तेरे नाम की,

हो भक्ति में तेरी मैंने जीवन की शाम की,

पल पल जपी है मैया माला तेरे नाम की,

माला तेरे नाम की,

मेरी भक्ति का कर के ख्याल,

आजा माँ शेरोवाली,

तुझे कब से पुकारें तेरा लाल,

माँ शेरोवाली, आजा मेहरो वाली।

वारु तुझपे मैं पूजा के थाल,

वारु तुझपे मैं पूजा के थाल,

आजा माँ शेरोवाली,

तुझे कब से पुकारे तेरा लाल,

आजा माँ शेरोवाली,

माँ शेरोवाली आजा,

माँ मेहरोवाली आजा,

माँ शेरोवाली आजा,

माँ मेहरोवाली आजा,

माँ ज्योता वालिये, लाटा वालिये,

शेरावालिये, तेरी सदा ही जय,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।