हम तो चले आए मैया तुमको मनाने

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

ब्रह्मा भी आए मैया,

विष्णु भी आए,

लक्ष्मी भी आई,

मैया तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने।

गंगा भी आई मैया,

यमुना भी आई,

सरयू भी आई मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने।

भोले भी आए मैया,

गोरा भी आई,

गणपति भी आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने।

राम जी भी आए मैया,

सीता जी भी आई,

हनुमत भी आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने।

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने,

हम तो चले आए मैया,

तुमको मनाने,

चाहे तू माने, चाहे ना माने।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।