नसीबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तूने मेरा नसीबा बनाया, है रोते को हंसाया

कि सांवरा कमाल करता

हाए

कि सांवरा कमाल करता...

मेरा गुलशन तूने महकाया, दीवाना है बनाया

कि सांवरा कमाल करता

हाए

कि सांवरा कमाल करता....

दिया तूने श्याम मेरे, जो ना औकात थी

किया तूने प्यार मुझे, क्या सौगात दी...-2

तूने नज़दीक मुझको बिठाया, है सीने से लगाया

कि सांवरा कमाल करता

हाए

कि सांवरा कमाल करता...

तेरी वजह से मेरी, हस्ती है ज़िंदा

शान से जीता है, श्याम का बन्दा...-2

सारे संकट से मुझको बचाया, फलक पे बिठाया

कि सांवरा कमाल करता

हाए

कि सांवरा कमाल करता.....

जिसपे जादू चलता है,श्याम सरकार का,

हो जाता है वही इस दरबार का...-2

राजू श्याम से प्रेम जो बढ़ाया,सदा ही मुस्कराया,

के साँवरा कमाल करता,

हाए,

के साँवरा कमाल करता....

तूने मेरा नसीबा बनाया,

है रोते को हँसाया,

के साँवरा कमाल करता, हाए,

के साँवरा कमाल करता

मेरा गुलशन तूने महकाया,

दीवाना है बनाया

के सांवरा कमाल करता, हाए,

के साँवरा कमाल करता।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।