मंदिर सोहना विच ज्वाला

मास्टर सलीम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर सोहना विच ज्वाला

ओथे ज्योता दा उजयला -2

भक्तो जाके देखन वाला

शान निराली दाती दी

मेटो सिफ़त करि न जावे ज्योता वाली दाती दी ....

चिंतापूर्णी चिंता हरदी

झोली नाल मुरादा भरदी -2

संगत बने सवाली दर दी

रेहँदी थोड़ न कोई ए

एत्थो बिन मांग्या मिल जांदा मँगन दी लोड न कोई ए ...

वैष्णो माँ दा सोहना मंदिर

बैठी आप गुफा दे अंदर। -2

एत्थे झुुकदे वड्डे सिकंदर

मेले भारी ने लगदे

भक्तो अस्सू चेत नराते वारो वारि ने लगदे ...

डोरा माँ ते जीना ने रखिया

ओहना मिट्ठिया मुरादा चखया -2

देके अन्या नु माँ अखियां

दूरं करदी हनेरे माँ

झोली भरदी खुशीया नाल जो दर ते आवे तेरे माँ ...

कालिया होजा माँ दा दीवाना

झूठा शड्ड दे ए जमाना -2

भेटा गाउँदा सलीम दीवाना

नच्दे भगत प्यारे माँ

साणु रख चरणा दे नाल ओ बचड़े लौन जैकारे माँ .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।