आते हैं रघुनंदन

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आते हैं रघुनंदन ,सजवादो द्वार-द्वार

स्वर्ण कलश रखवादो ,बंधवादों बंधन वार...-2

लड़ियों से मढ़ियों से फुलझड़ियों से

सजो राम दरबार शोभा अजब बनी -2

सजी नगरिया है सारी ,नाचें गावे नर-नारी

खुशियाँ मनाओ गाओ री मंगल चार -2

स्वर्ण कलश रखवादो ,बंधवादों बंधन वार...

कंचन कलश विचित्र सँवारे ,सब ही सजे धरे निज निज द्वारे

खुशियाँ मनाओ गाओ री मंगल चार -2

स्वर्ण कलश रखवादो ,बंधवादों बंधन वार...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।