आज मईया का जगराता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज मईया का जगराता, भेंटे गाएंगे ।

आई है शेरां वाली माता, दर्शन पाएंगे ।

नाचेंगे हम, गायेंगे और सब को साथ नचाएंगे ॥

आज मईया का जगराता.....

आ के दर्शन कर लो भक्तो, जगमग जलती ज्योति,

दाती उनको आप बुलाये, जिस पे रहमत होती । -2

माँ को मिलने आयें है, और झोली भर ले जायेंगे ॥

आज मईया का जगराता.....

माँ के भक्तो ने है मिलकर माँ का जगन रचाया ।

दिल में भर के प्रेम मैया का सुन्दर भवन सजाया । -2

माँ के रंग में रंग जान है, माथे तिलक लगाएंगे ॥

आज मईया का जगराता.....

मस्त सिकंदर झूम रहें है, माँ के मस्त दीवाने ।

ढोलक चिमटा छैना बाजे, लागे बड़े सुहाने । -2

करमा रोपड़ वाला नाचे, रमजू से ढोल बजाएंगे ॥

आज मईया का जगराता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।