जागेयां दे विच मुलाकात होएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागेयां दे विच मुलाकात होएगी

दिल वाली गल सारी रात होएगी

जोत जगा के ओदा नाम ते बुला - 2

माँ आयेगी ज़रूर -2

जागेयां दे विच मुलाकात होएगी

दिल वाली गल सारी रात होएगी

जोत जगा के ओदा नाम ते बुला

माँ आयेगी ज़रूर.....

हक़ है तेरा जो हक़ नाल बुला

माँ आयेगी ज़रूर.....

माँ है बचेयां तो ज़रा वी ना दूर है

हर इक शह च शेरांवाली दा ही नूर है

ध्यानू वांग कदे ओनू तू आज़मा

माँ आयेगी ज़रूर.....

जिने वी बुलाया ओ ते नठ्ठी चली आई ए

हर पल बचेयां दी होई ओ सहाई ए

तू वी सुत्ती होई तक़्दीर नु जगा

माँ आयेगी ज़रूर....

रखेया भरोसा ए भरोसा कदे तोडी ना

आसां वाली डोर कदे भुल के वी झोडी ना

चंगा मन्दा ओदे लेखे लाई जा

माँ आयेगी ज़रूर.....

साहवां देयां मन्केयां ते ओनू तू धेयाई जा

भेन्टा ओदि चंचल तू सारी रात गाई जा

मिलेया ए मौका ऐनू ना गवा

माँ आयेगी ज़रूर.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।