शिरडी धाम जाना

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॥ पावन पाठ ॥

बंदगी से हार गया तो,

जिंदगी से हार गया तो,

भूल मत जाना प्यारे,

भूल मत जाना,

ये ना भूल जाना,

तू शिरडी धाम जाना... -3

साई की शरण में जाना,

साई के दर्शन पाना,

जाने है सब कुछ फिर भी,

किस्सा सभी कह सुनाना,

जीवन नैया पार करे वो,

निर्धन के भंडार भरे वो,

साईनाथ का दीवाना,

साईनाथ का दीवाना,

सारा ये जमाना सारा,

सारा ये जमाना,

ये ना भूल जाना,

तू शिरडी धाम जाना.......

साई सच्चे मसीहा,

सबकी सुनते मेरे देवा,

हर मर्जो की ये दवा है,

बोले है भोले महादेवा,

प्यार करे ये बड़ा प्यार करे ये,

सबका सुखी संसार करे ये,

साथ साथ होगा करले,

साथ साथ होगा करले,

सफर सुहाना करले,

सफर सुहाना,

ये ना भूल जाना,

तू शिरडी धाम जाना....

गुलशन का ये सच्चा है माली,

लौटाएगा ना तुझे खाली,

अँधियारा हो रातें काली,

लहरी करेगा खुशहाली,

साई नाम प्यारा करे उजियारा,

निर्बल को ये देता सहारा,

साई राम रटते जाना,

धुन यही गाना प्यारे,

धुन यही गाना,

ये ना भूल जाना,

तू शिरडी धाम जाना....

बंदगी से हार गया तो,

जिंदगी से हार गया तो,

भूल मत जाना प्यारे,

भूल मत जाना,

ये ना भूल जाना,

तू शिरडी धाम जाना....-3

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।