श्रृंगार साँवरिया का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रृंगार सांवरिया लागे ये प्यारा है,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए।। -2

लगती काजल की कोरे,

काली घटा

मन को भाने लगी तेरी,

प्यारी छटा

है रूप तेरा प्यारा प्यारा,

जो मोह लेता है जग सारा,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए....

चमके कानों में कुंडल,

दिनकर से,

सारी ले लूँ बलाए मैं,

जी भर के,

नजर कहीं ना लग जाए,

सोणा सा मुखड़ा मन भाए,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए...

न्यारा जग में तेरा,

ये श्रृंगार है,

प्यारा फूलों में बैठा,

वो दातार है,

‘माही’ को रूप तेरा भाए,

‘तनु’ तेरी महिमा गाए,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए...

श्रृंगार सांवरिया लागे ये प्यारा है,

देख के प्यार से मुस्कुरा दीजिए -2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।