मेरी मैया शेरोवाली है

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नाम जो अम्बे रानी का,

मन से प्राणी गाएगा,

उसका बेडा भव सागर से,

पल भर में तर जाएगा,

लाज रखती है भक्तो की,

बिन मांगे ही सब पाएगा,

और सच्चे मन ऐ ‘लख्खा’,

जो जयजयकार बुलाएगा।

मेरी मैया शेरोवाली है,

करे भक्तो की रखवाली है,

सब भक्तो मिलकर जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।। -2

माँ सर्व मंगला काली है,

नवदुर्गा खप्पर वाली है,

खप्पर वाली की जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

ममता मई ममता लुटाती है,

भक्तो की बिगड़ी बनाती है,

ममता मई माँ की जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

जो सच्चे मन से ध्याता है,

मुँह माँगा वर वो पाता है,

सच्चे दरबार की जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

जो शरण में माँ की आया है,

वो झोली भर कर लाया है,

फिर सच्चे मन से जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

ताराचंद महिमा गाता है,

‘लख्खा’ भी शीश झुकाता है,

एक बार जरा तो जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

मेरी मैया शेरोवाली है,

करे भक्तो की रखवाली है,

सब भक्तो मिलकर जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

शेरावाली की जय बोलो,

मेहरावाली की जय बोलो,

अम्बेरानी की जय बोलो,

वैष्णोरानी की जय बोलो,

जोतावाली की जय बोलो,

पहाड़ावाली की जय बोलो,

शेरावाली की जय बोलो।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।