हरे कृष्णा हरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा रमन हरी गोविन्द जय

बोले रे मन हरे कृष्णा हरे

राधा रमन हरी गोविन्द जय

बोले रे मन हरे कृष्णा हरे

हे मेरे गिरिधर हे गोपाला

हे मेरे गिरिधर हे गोपाला

तू ही दुःख दूर करे

हरे कृष्णा हरे

हरे कृष्णा हरे

हरे राम हरे

हरे कृष्णा हरे

अंधेरों में जलते दिए सा

साँचा तेरा नाम रे कान्हा

साँचा तेरा नाम

चांदी सोने से भी खरा है

एक मेरा घनश्याम जगत का

एक मेरा घनश्याम..

आन पड़ी मैं द्वार खड़ी मैं

आन पड़ी मैं द्वार खड़ी मैं

तू ही दुःख दूर करे

हरे कृष्णा हरे

हरे कृष्णा हरे

हरे राम हरे

हरे कृष्णा हरे -4

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।