शिव उठत शिव चलत

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है।

शिव बुद्धि, शिव चित्त, शिव मन विभोर है॥ ॐ ॐ ॐ...

शिव रात्रि, शिव दिवस, शिव स्वप्न-शयन है।

शिव काल, शिव कला, शिव मास-अयन है॥ ॐ ॐ ॐ...

शिव शब्द, शिव अर्थ, शिवहि परमार्थ है।

शिव कर्म, शिव भाग्य, शिवहि पुरुषार्थ है॥ ॐ ॐ ॐ...

शिव स्नेह, शिव राग, शिवहि अनुराग है।

शिव कली, शिव कुसुम, शिवहि पराग है॥ ॐ ॐ ॐ...

शिव भोग, शिव त्याग, शिव तत्व-ज्ञान है।

शिव भक्ति, शिव प्रेम, शिवहि विज्ञान है॥ ॐ ॐ ॐ...

शिव स्वर्ग, शिव मोक्ष, शिव परम साध्य है।

शिव जीव, शिव ब्रह्म, शिवहि आराध्य है॥ ॐ ॐ ॐ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।