बड़े तुम्हारे है उपकार मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बड़े तुम्हारे है उपकार मैया,

तुमने जो होके दयाल,

हमारे दुःख दूर किए है,

बड़े तुम्हारे है उपकार मैया,

करके हमारा भी खयाल,

हमारे दुःख दूर किए है।।

तू है मंगल करनी माँ,

तू ही चिंता हरनी माँ,

सारे जग में धूम तेरी,

तू है जग की जननी माँ-2

गंगा जल सी पावन हो,

भक्तो की मन भावन हो,

सूखे नीरस जीवन में,

तुम ही दया का सावन हो,

ऋणी तुम्हारा है संसार मैया-2

तुमने जो होके दयाल,

हमारे दुःख दूर किए है....

चरण तुम्हारे पड़े जहाँ,

खुशियां बरसे सदा वहां,

नजर दया की पड़ते ही,

हर मुश्किल हो जाए आसान

जादू नाम तुम्हारा माँ,

तुम हो अमृत धारा माँ,

कंकड़ को जब छूती हो,

बने गगन का तारा माँ,

तुमको नमस्कार सौ बार मैया,

तुमने जो होके दयाल,

हमारे दुःख दूर किए है।।

बड़े तुम्हारे है उपकार मईया,

तुमने जो होके दयाल,

हमारे दुःख दूर किए है,

बड़े तुम्हारे है उपकार मईया,

करके हमारा भी खयाल,

हमारे दुःख दूर किए है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।