कुछ याद करो पवनसुत

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अब जागो हे अंजनी कुमार

लंका की ओर प्रयाण करो

हे भूतकाल के विकट वीर

तुम वर्तमान निर्माण करो

हम सब चिंता में डूबे है

माता का पता लगाओ तुम

दुखियों का दुखड़ा दूर करो

संकटमोचन कहलाओ तुम।

कुछ याद करो कुछ याद करो

अपना पवनसुत वो बालपन-2

विद्युत की गति

जिसमे थी वो अद्भुत बालपन

कुछ याद करो कुछ याद करो

अपना पवनसुत वो बालपन-2

दुन थी दांग देख तुम्हारी उड़ान को

तुमने हिलाके रख दिया था आसमान को

आकाश तुम्हारे लिए था एक अखाड़ा

हा हा एक अखाडा जिसने भी ली टक्कर उसे

पल भर में पछाड़ा-2

बिजली की तरह लपके थे सूरज की तरफ तुम

मुखड़े में छुपाकरके दिवाकर को किया ग़ुम।

तुम खा गए भभकता हुआ अग्नि का गोला

हा हा अग्नि का गोला हा हा अग्नि का गोला

ताकत तुम्हारी देख कर ब्रह्माण्ड था डोला

हनुमान जी कहा गयी वो शक्ति विलक्षण

कुछ याद करो कुछ याद करो

अपना पवनसुत वो बालपन-2

फिर एक नया दुश्मन तुम्हे ललकारने लगा राहु -2

ऑंखे दिखाके सख बघारने लगा राहु

उसको भी मारी लात तुमने बात बात में

अदि को किया मत तूने बात बात में

जब राहु गया हर तो फिर इन्दर भी आया

झुँझला के उसने तुमपे अपना वजर चलाया और अंत में सब हो गया

झगड़ो का सफाया झगड़ो का सफाया-2

सब देवो ने मिलके

तुम्हे वज्रांग बनाया

है आज कसोटी तुम्हारी केसरीनंदन

कुछ याद करो कुछ याद करो

अपना पवनसुत वो बालपन-2

तुम शक्ति पुंज हो किसी से डर नहीं सकते

किसी से डर नहीं सकते

ऐसा न कोई काम जो तुम कर नहीं सकते

जो तुम कर नहीं सकते

उठो छलांग मारो...

बजरंग बली -2

आकाश को ललकारो

बजरंग बली

बिसन स्वरुप धारो

बजरंग बली

संकट से तुम उभारो

बजरंग बली

उठो बजरंग बली

उठो बजरंग बली....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।