भोले नाथ धरो सर पे हाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले नाथ धरो सर पे हाथ,

हो जाए कृपा जो थारी,

हे अलख निरंजन दीजों साथ

आया शरण मैं तुम्हारी,

पग पग राह कठिन है

मन मेरा दूषित मलिन है

जीवन नीरस लगने लगा भारी

हो जाए कृपा जो थारी,

आया शरण मैं तुम्हारी,

मन से मेरे विकार मिटादो

महादेव अंधकार हटा दो

सच्ची मुझको राह दिखा दो

चरण शरण में ले लो भगवन

जाऊँ मैं वारी बलिहारी

हो जाए कृपा जो थारी

आया शरण मैं तुम्हारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।