अबके सावन में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गूँज रहे हैं मंदिर शिवाले

हर हर महादेव के नारों से

गूँजयमान हुआ गगन भी

भोलेनाथ की हुँकारों से

चारों ओर देखो तो

छटा कैसी निराली है

सावन की बूँदों संग

शम्भू कृपा बरसने वाली है

कृपा सिंधु जगत कृपालु

हे शिव शंकर हे त्रिपुरारी

करुणामयी दृष्टि हम पर भी

डालो नाथ अबकी बारी

अबके सावन में सबकी

विपदा सारी दूर करो

खुशियों वाले भंडार सभी के

भोले भंडारी भरपूर भरो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।