गेड़ा मार जा पंजाबियां दे वेडे वृंदावन रहन वालया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गेड़ा मार जा पंजाबियां दे वेडे वृंदावन रहन वालया

सानू रख चरणा दे नेड़े वृंदावन रहन वालया

असी नईयो मटकीयाा छिक्के यां ते टंग दे

खुला खाना-पीना भला सारेयां दा मंगदे

साडे दिल वडे वडे साड्डे जेड़े वृंदावन रहन वालेया

गेड़ा मार जा.....

छिल छिल गंदला ते साग बनावागे

मीठी मक्की लेया के टोडा मक्की दा पकावागे

खाकर भूल जाएगा मखना दे पेड़े वृंदावन रहन वालेया

गेड़ा मार जा.....

घर घर मंदिर ते घर घर पूजा ए

इको तेरा आसरा ना होर कोई दूजा ए

याद कर दे हां शाम सवेरे वृंदावन रहन वालेया

ला के निभाना ता पंजाबी ने जाणदे

कॉल निभाउंदे बड़े पक्के ने जुबान दे

ऐसी जींद जान लायी लेखे तेरे ओये वृन्दावन रहन वालेया

गेड़ा मार जा.....

थोड़ा जया समा काङ गेडा इक मार जा

बिगड़ी ए जे डी सारी जिंदगी सवार जा

दूर कर परेशानियां दे नेरे वृंदावन रहन वालेया

गेड़ा मार जा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।