गा गा के सुनाऊं मस्ती में सुनाऊं चर्चे राम नाम के

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गा गा के सुनाऊं मस्ती में सुनाऊं।

झूम झूम के सुनाऊं सबको चर्चे राम नाम के।

चर्चे राम नाम के।।

ये दशरथ नंदन है इनका करते वंदन हैं।

इनका करते वंदन है ये जो दशरथ नंन्दन हैं छबीला

नैना काले अंग सम्हाले तीर कमानिया।।

गा गा............

ये तो धनुषधारी हैं ये जग हितकारी हैं

ये जग हितकारी है ये जो धनुषरधारी हैं।। गठीला

इसके आगे फीके लागे सबकी जवानियाँ

गा गा........

सुन्दर अंग अंग इनके जानकी संग हैं

जानकी संग है इनके सुंदर अंग अंग हैं।। सुरीला

रंग रंगीला अंग गठीला इनकी निशानिया।।

गा गा....

इनने शवरी को तारा अहिल्या नारी उद्धारा।

अहिल्या नारी उद्धारा इनने शवरी को तारा।।उद्धारा

राजेन्द्र इनकी सारे जग पे बड़ी मेहरवनिया।।

गा गा....…

गीतकार/गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।