दीनान दुख हरण देव संतन हितकारी

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीनन दुखहरण देव

संतन हितकारी

अजामिल गीध ब्याध इनमें कहो कौन साध

पंछिन को पद पढात गणिका सी तारी

दीनन दुखहरण देव संतन हितकारी

ध्रुव केसर क्षत्र देत प्रहलाद को उबार लेत

भक्त हेतु बांध्यो सेतू लंकपुरी जारी

दीनन दुखहरण देव संतन हितकारी

इतने हरि आइ गए बसनन आरुण भए

सूरदास द्वारे ठाडो आंधरो भिखारी

दीनन दुखहरण देव संतन हितकारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।