खंडवा नगरिया में दादा दरबार

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खंडवा नगरिया में दादा दरबार

जय हो धूनी वाले दादाजी की

महिमा अपार जय हो

धुनी वाले दादाजी की

बड़ी दूर दूर से भक्त लोग आये

लाल हाथो में निशान लाये

ढोल नगाड़ा बाजे बोले जय जय कर

जय हो धूनी वाले दादाजी की

बड़ी महिमा है दादाजी के नाम की

सुहानी है महिमा दादाजी के धाम की

अखंड धुनी का देखो चमत्कार

जय हो धूनी वाले दादाजी की

धुनिवाले दादाजी शिव के अवतारी

माँ नर्मदा के है वो पुजारी

अपने भक्तो पे दादा करते उपकार

जय हो धूनी वाले दादाजी की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।