आंगणो भर जासी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आंगणो भर ज्यासी बेटा पोता माल ख़जाना,

बाबो कृपा कर जासी

आंगणो भर जासी आंगणो भर ज्यासी...

श्याम म्हारो कदे ना नटणो जाणे,

भगत की प्रीत में बसणों जाणे,

श्याम म्हारो कदे ना नटणो जाणे,

भगत की प्रीत में बसणों जाणे,

सच्चे मन से देख बुलाके,

बाबो तेरे घर आसी,

आंगणो भर जासी,

आंगणो भर ज्यासी।

जो ग्यारस की घर ज्योत जगावै,

वो बाबा जी से सुख सम्पति फल पावै,

जो ग्यारस की घर जोत जगावै,

वो बाबा जी से सुख सम्पति फल पावै,

ख़ुशियों से थारी झोली भी,

बाबो पल में भर जासी,

आंगणो भर जासी,

आंगणो भर ज्यासी।

भगत जद मुश्किल में घिर जावै,

साँवरो दौड़यो दौड़यौ आवै,

भगत जद मुश्किल में घिर जावै,

साँवरो दौड़यो दौड़यौ आवै,

संकट और मुसीबत थारे,

दूर दूर ना नज़र आसी,

आंगणो भर जासी,

आंगणो भर ज्यासी।

जो बाबा जी को नाम सुमिर नित ध्यावे,

वो बाबाजी के हिवड़े में बस जावें,

राधे की तक़दीर भी दर पे,

देखो आज सुधर जासी,

आंगणो भर जासी,

आंगणो भर ज्यासी,

बेटा पोता माल ख़जाना,

बाबो कृपा कर जासी,

आंगणो भर जासी,

आंगणो भर ज्यासी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।