ये भारत की बेटियां

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

धड़कन हैं वतन की ये हैं वतन की चहेतियाँ

आसमां मुट्ठी में कर लें भारत की ये बेटियां

बेटियां ये बेटियां .....ये भारत की हैं बेटियां

दिव्या रूपा शक्ति स्वरूपा जग में ये अनूपा

इनका सानी नहीं मिलेगा ये हैं शतरूपा

धरती गगन ये जीतें बाधाओं से भिड़ जाएँ

इनके इरादे फौलादी कभी ना डगमगाए

धड़कन है वतन की ..................

ये भारत की बेटियां जिस डगर पे डट जाएँ

पर्वत भी चूर चूर हो राहों से हट जाएँ

हर मंज़िल हर मुकाम पे विजय पताका फेहराएँ

दुनिया माने लोहा दुश्मन इनसे घबराएं

धड़कन है वतन की ..................

ये पूजा ये मन्नत ये आयत ये कलाम है

जिस आँगन में ये खेलें वो तो चारों धाम है

इनके जज़्बे हौंसलों को दिल से सलाम है

ये हिन्द की शान हैं भारत इनसे ललाम है

धड़कन है वतन की ..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।