खाटू में खो गयी रे मेरी पायलिया हे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू में खो गयी रे मेरी पायलिया हे श्याम

तू ढूंढ के ला या दे घड़वा या देदे मोहे दाम

सुनले सांवरिया पायल मैंने सोने की घडवाई थी

अनमोल जड़े हीरे मोती मैं पहन के खाटू आयी थी

बड़ा श्याम भरोसा तुमपर था और हो गया ऐसा काम

श्याम धणी मेरी जान से प्यारी पायलिया है खोयी रे

अगर मिली ना सेठ सांवरिया समझले खटपट होई रे

तेरे दर पर अनशन कर बैठूँ मैं लेकर तेरा नाम

तेरा मेरा खाटू के राजा देख पुराना नाता है

खोल खजाना भर झोली क्युँ आगे बात बढ़ाता है

हसकर करले कुबूल तू सागर की दुआ सलाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।