दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू ही है सब का दाता तू महावीर केहलाता

जो चाहे मन से तुझको वो मन चाहा फल पाता

दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना

आशा के दीप जला कर हम तुम को दूर करेगे,

रिक्त हिरदये में कर्म सनेह का अक्षय ध्यान भरे गे

तेरे सन मुख हम सब मिल कर ज्योति माये दीप जलाए

तेरे पद चिन्नो पे चल कर हम पावन मार्ग पाए

दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना

मेरे मन मंदिर में प्रभु तेरा ही रूप समाये,

निसदिन उठ कर प्रभु तेरे चरनो में शीश निभाये

तुम ही हो पालनहारे तुम सब के इक सहारे

हो दया तेरी हम पर भी तुम ही हो नाथ हमारे

दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना

जब भटके मेरी नैया तो कैसे पार लगाऊ,

पर तुम को जब भी ध्याऊ खुद ही खुद मैं तर जाऊ

कहे मित्र मंडल के बालक तू ही किरपा कर देना

मी जुल कर रहे सदा हम ऐसा ही वर तुम देना

दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।