अंजनी नंदन बलशाली मेहंदीपुर के नाथ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी नंदन बलशाली मेहंदीपुर के नाथ

हम दीन के शीश पर रखियो दया का हाथ

तेरी महिमा से बढ़ी राजश्थान की शान

रोम रोम में भक्तो के बेस हो तुम हनुमान

भूत प्रेत की छाया से दुखी है जो प्राणी

हर व्याधि से मुक्त हो तेरे दर आकर वो

जय बालाजी हनुमान सालासर धाम

मेहंदी तुम्हारे प्रेम की जिस हाथ में लग जाए

सुध चित्ता जपते बालाजी नाम तेरा दिन रात

घटा मेहंदीपुर में है कष्ट हरण तेरा धाम

रोग से पीड़ित काया को मिलता आराम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।