ये नैया अटकी है मजधार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ये नैया अटकी है मजधार

पार करो बाला जी नैया मन के खेवन हार,

ये नैया अटकी है मजधार ......

कष्ट मेरे सारे हर हर लेना अवगुण पर मेरे ध्यान न देना

बाला जी तेरी शरण में आये सुनो हे पालनहार

ये नैया अटकी है मजधार ...

बाला जी किरपा मुझ पर करना मेरा सहारा बन कर रेहना

जो भी दर पे आये तुम्हरे करते बेडा पार ,

ये नैया अटकी है मजधार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।