तेरे नैनों से घायल ज़माना हुआ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नैनों से घायल ज़माना हुआ,

साँवरे मैं भी तेरा, दिवाना हुआ,

तेरे नैनों ने ले ली रे मेरी जान, साँवरे,

मेरा दिल तुझपे है कुर्बान है मेरे श्याम साँवरे,

तेरे पैर पैंजनियां बाजै,

आखों में काजल साजै,

मैं पागल सी हो जाऊँ,

तेरी जब जब मुरली बाजै,

मेरे दिल को घायल करे,

तेरी मुस्कान साँवरे,

मेरा दिल तुझपे है कुर्बान,

है मेरे श्याम साँवरे।

राधा भी तेरी दीवानी,

मीरा हो गई मस्तानी,

जब याद तेरी तड़पाएँ,

मेरी आँख से झलकें पानी,

सच कहते हैं हाय,

सच कहते हैं तुम्हे छलिया,

बेईमान साँवरे,

मेरा दिल तुझपे है कुर्बान,

है मेरे श्याम साँवरे।

तुझसे दूरी मेरे श्याम,

बिलकुल ना सह पाऊँ,

जो तूने ठुकराया,

तेरे दर पर मर जाऊँ,

चौखट पे मर जाऊँ,

तू साथ तो है मेरे,

फिर क्या घबराना है,

तेरे नाम की मस्ती में,

मुझे चलते जाना है,

ले हाथ पकड़ मेरा,

क्या जाएगा तेरा,

तुझसे दूरी मेरे श्याम,

बिलकुल ना सह पाऊं,

बस इतनी तमन्ना है,

मैं तेरा हो जाऊं।

कहता संदीप दीवाना,

मुझे श्याम रंग, रंग जाना,

चाहे कुछ भी कहे ये ज़माना,

झूठे रिश्तों से,

झूठे रिश्ते नातों से,

मैं परेशान साँवरे,

बस इतनी तमन्ना है,

मैं तेरा हो जाऊं।

मेरा दिल तुझपे है कुर्बान,

है मेरे श्याम साँवरे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।