बरसों से छुपी जो इस दिल में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसों से छुपी जो इस दिल में,

वो बात मुझे भी कहने दो,

सब देख लिए सुख दुनियाँ के,

अब चरणों की छाँव में रहने दो।

बरसों से छुपी जो इस दिल में।

डूब रहा था भव सागर में,

हाथ पकड़ के तुमने बचाया,

अब श्याम नाम की गंगा में मन,

बहता है तो बहने दो,

सब देख लिए सुख दुनियाँ के,

अब चरणों की छाँव में रहने दो।

बरसों से छुपी जो इस दिल में।

सपनों में जो घर थे बनाएं,

आँख खुली तो कुछ भी नहीं था,

ऐसे महलों का क्या मतलब,

ये ढहते हैं तो ढहने दो,

सब देख लिए सुख दुनियाँ के,

अब चरणों की छाँव में रहने दो।

बरसों से छुपी जो इस दिल में।

हाथ छुड़ाकर दूर गए जो,

अब उनसे उम्मीद करूँ क्या,

पग पग मेरे जो साथ रहा,

उस श्याम की बाहें गहने दो,

सब देख लिए सुख दुनियाँ के,

अब चरणों की छाँव में रहने दो।

बरसों से छुपी जो इस दिल में।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।