जो तू मिटाना चाहे, जीवन की तृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो तू मिटाना चाहे, जीवन की तृष्णा,

सुबह शाम बोल बंदे कृष्णा कृष्णा कृष्णा,

जो तू मिटाना चाहे, जो तू मिटाना चाहे,

जीवन की तृष्णा,

जो तू मिटाना चाहे, जीवन की तृष्णा,

सुबह शाम बोल बंदे कृष्णा कृष्णा कृष्णा,

कृष्णा नाम पवन पवन कृष्णा नाम प्यारा प्यारा,

जो ना बोले कृष्णा कृशन जाग से वो हरा हरा,

मॅन का माइट अंधियारा,बोल कृष्णा कृष्णा,

सुबह शाम बोल बंदे .............

चाहे अगर उजियारा, बोल कृष्णा कृष्णा कृष्णा

जो तू मिटाना चाहे...........

छ्होर दे भटकना दर दर तोड़ दे अहम का अंधेरा,

भूल जा जगत का वैभव जाग है दुखो का डेरा,

फिरता है मारा मारा,फिरता है मारा मारा,

बोल कृष्णा कृष्णा

फिरता है मारा मारा, बोल कृष्णा कृष्णा,

सुबह शाम बोल बंदे कृष्णा कृष्णा कृष्णा..........

जो तू मिटाना चाहे, जो तू मिटाना चाहे,

जीवन की तृष्णा,

जो तू मिटाना चाहे, जीवन की तृष्णा,

सुबह शाम बोल बंदे कृष्णा कृष्णा कृष्णा,

जो तू मिटाना चाहे, जो तू मिटाना चाहे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।