है छोटी सी एक आस मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

है छोटी सी एक आस मेरी,

वो श्याम तू पूरी कर देना,

जब सीष झुकाऊं चरणों में,

मेरे सिर पे तू हाथ धर देना।

है छोटी सी एक आस मेरी,

वो श्याम तू पूरी कर देना।

ना माँगू तुमसे धन दौलत,

ना लालच माल खजाने की,

है एक तमन्ना मेरी भी,

खाटू दरबार में आने की,

ये विनती मेरी सुन लेना,

सेवक मुझको तू चुन लेना,

दिन रात करू सेवा तेरी,

प्रभु मुझ को ऐसा वर देना,

है छोटी सी एक आस मेरी,

वो श्याम तू पूरी कर देना।

क्या तेरा फर्ज नहीं बाबा,

भक्तों के घर में आने का,

क्या मेरा इतना हक भी नहीं,

तुम्हे अपने घर में बुलाने का,

इतनी भी परीक्षा क्यों लेता,

स्वीकार तू अर्जी कर लेना,

मैं चाकर, मेरा मालिक तू,

इतना सा काम तू कर देना,

है छोटी सी एक आस मेरी,

वो श्याम तू पूरी कर देना।

ये सुरेश राजस्थानी भी,

तेरी ही राह निहारे हैं,

कब आओगे तुम घर मेरे,

बैठा दिन रेन गुजारे हैं,

मुझे आकर दरस तू दे देना,

इतनी सी कृपा कर देना,

मैं करता रहूं सेवा तेरी,

मेरी सारी विपदा हर लेना,

है छोटी सी एक आस मेरी,

वो श्याम तू पूरी कर देना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।