आउंगी आउंगी मैं अगले वर्ष तेरे आउंगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आउंगी आउंगी मैं अगले वर्ष तेरे आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी लाल चुनरिया लाऊंगी

तेरी महिमा सुनते है तेरी महिमा गाते है

आंख में आंसू आते है मोती में ढल जाते है,

आउंगी आउंगी मैं अगले वर्ष तेरे आउंगी,

पर्वत पे है डेरा उचा मंदिर तेरा,

तेरी शरण में आके जागा जीवन मेरा

जय कामाख्या वाली की जय मेहरा वाली की

जय माता रानी की

माता ओ माता पहाडो वाली माता,

जितनी शक्ति शाली उतनी ही तू भोली,

बिन मांगे ही तूने भरदी मेरी झोली

जय नीलांचल वाली की जय ज्योता वाली की जय माता रानी की

माता ओ माता पहाडो वाली माता,

तन पूजा की थाली सामग्री है मन की

माँ तेरे चरनो में बीते निर्धन की

जय बगला वाली की जय शेरावाली की जय माता रानी की

आउंगी आउंगी मैं अगले वर्ष तेरे आउंगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।