भगत न्योता दिंदे केह्न्दे भंडदी सोगात ऐ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भगत न्योता दिंदे केह्न्दे भंडदी सोगात ऐ

आजो सारे नचिये जगराते वाली रात,

शेरावाली मैया अज कर्म क्माउन्दी

भगता दी झोली विच खैर दाती पौन्दी,

छोटा हो या बड़ा मैया पुछदी न जात ऐ

आजो सारे नचिये जगराते वाली रात,

रल मिल भगता ने भवन सजाया ऐ,

कृष्णा ने बंसी डोरू श्मभु ने बजाया ऐ

स्वर्ग तो होई ऐसी फुला दी बरसात ऐ

आजो सारे नचिये जगराते वाली रात,

लिखदा है बावा तेरा शुकर मनाउंदा ऐ

जिथे भी एह जावे तेरा लाल माँ कहोंदा ऐ

गाउंदा ऐ राजीव नचे सारी काएनात ऐ

आजो सारे नचिये जगराते वाली रात,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।