पौनहारी बाबा तुमको दिल से आज मनाते है

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पौनहारी बाबा तुमको दिल से आज मनाते है

अटकी जो मजधार में नैया बाबा पार लगाते है

पौनहारी बाबा तुमको ...........

ये पौनाहारी बाबा हम जय जय कार लगाये,

हे दुधाधारी बाबा हम तेरी महिमा गाये,

तुम शिव जी के अवतारी बाबा दिल से आज मनाते है,

अटकी जो मजधार में नैया बाबा पार लगाते है

पौनहारी बाबा तुमको ...........

मेरे पौनाहारी बाबा है सब को पार लगाये

मेरे दुधाधारी बाबा है सब को पार लगाये,

मेरे चिमटा धारी बाबा है सब के कष्ट मिटाए,

सिद्ध जोगी बाबा मेरे दिल से आज मनाते है,

अटकी जो मजधार में नैया बाबा पार लगाते है

पौनहारी बाबा तुमको ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।