बन के बाराती भोले बाबा संग आये गे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बन के बाराती भोले बाबा संग आये गे

भोले जी के बारात में धूम मचाये गे

बन के बाराती भोले बाबा संग आये गे

मेरे भोले बाबा देखो सब से निराले,

घोट के धातुरा भंग पीवे से प्याले,

सुल्फा चिलम भर भोले ने पिलायेगे,

बन के बाराती भोले बाबा संग आये गे

बाबा चलेया अपने तन पर भस्म रमायेगे

भूत पिछाचो संग नाच के दिखायेगे

गोरा जी ने व्याह के भोले संग लायेगे

बन के बाराती भोले बाबा संग आये गे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।