नाच रहे बाला जी राम गुण गा गा के

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नाच रहे बाला जी राम गुण गा गा के ,

कैसा सुंदर रूप बनाया लाल है सिन्धुर लगाया,

भजते सीता राम राम गुण गा गा के

हाथो में कडटाल बजाते पैरो में घुंगरू ये छनकाते,

नाच रहे बाला जी राम गुण गा गा के

राम दीवाने है मत वाले पीते राम नाम के प्याले,

नाच रहे बाला जी राम गुण गा गा के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।