कावड़िये हरिद्वार जा रहे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कावड़िये हरिद्वार जा रहे वो तो बम बम बम गाये रहे

बाबा की महिमा गाये रहे

कावाडेया न छाले देख रहे भोले बाबा के मन में समाये रहे,

कावड़िये हरिद्वार जा रहे वो तो दी जे पे ठुमका लगाये रहे

वो तो बाबा की महिमा गाये रहे

कही लाख कवाड़ीयो का लारा है सावन का अजब नजारा है

कावड़िये हरिद्वार जा रहे वो तो बम बम गाये रहे

कावड़िये हरिद्वार जा रहे.....

लगी धुन मोहे भोले बाबा का मैं तो ढोक लगाऊ भोले बाबा की

कवाड़ीये हरिद्वार जाए रहे वो तो बम बम गाये रहे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।