प्रीत रंग हल्दी प्रेम से लगायो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रीत रंग हल्दी प्रेम से लगायो

शगुन शुभ मंगल व्याह गीत गाओ

कोमल अंग निखारी हल्दी

तन शिंगार सवारी हल्दी

कमल तन कोमल कनक बनाओ

प्रीत रंग हल्दी प्रेम से लगायो

राम के तन पर सोहे हल्दी

शोभा कही न जाए रघुवर की

सगल देविया नार रूप धर

हल्दी लगाती सिया के तन पर,

सिया की शोभा निरख निरख कर

धरती हर्षित चरण चूम कर

सुखद शरण आये मंगल मनाओ

प्रीत रंग हल्दी प्रेम से लगायो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।