सांई मेरा भोला

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साईं मेरा भोला कितना प्यारा भोला ॥

रब का नजरा है साईं बड़ा प्यारा है,

जान भी कर दू फ़िदा,

गम से सताया हु तेरे दर पर आया हु मैं,

देदो मुझे दर्द दवा,

साईं तेरे दर पर लाखो लोग आते है,

राम नोमी दिवाली ईद भी मानते है ,

साईं मेरे शिर्डी वाले सबको अपनाते है,

जो भी उनसे मांगे साईं रहमते लुटाते है,

कोई कुछ भी बोले साईं फिर भी मुस्कराते है,

साईं मेरा भोला कितना प्यारा भोला....

करना सभी का भला यह मेरा साईं भोला,

राम रहीम प्रबो या बोलो चाहे मोला मोला,

साईं जी भोला मेरा साईं भोला,

ना कर किसी का बुरा यह मेरा साईं भोला,

यही तमना मेरी बार बार रहती,

के एक मैं नही सारी दुनिया कहती है,

दिलो निगाहों में तस्वीरे यार रहती है,

मेरे चमन में हमेशा बहार रहती है,

न करना किसी का बुरा ............

नजरो में ताब चाहए दीदार यार की,

कोई मिसाल देखि नही साईं प्यार की

साईं ने अपने नाम का इतना अदा किया,

माँगा जो इनसे कतार तो दरया बहा दिया,

साईं हमारा साईं शिर्डी वाला,

न करना किसी का बुरा ............

दौलत पे नाज है न तो इजत पे नाज है,

साईं तुम्हारे नाम की शौहरत पर नाज है,

साईं तुम्हारे नाम से इज्जत हमें मिले,

साईं ना छोड़ पाऊ गा हरगिज तुम्हारी गली,

न करना किसी का बुरा ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।