राम राम जपले राम ही एक सहाई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम जपले एक यही संग जाई,

राम सुमिरले भाई

राम नाम जो मनुआ गाये,

जीवन में कोई दुख न आये।

जिनके हृदय राम समाया।

उनने जग का सब कुछ पाया।

पल पल छिन छिन सुमिरन करले भाई

राम ......

राम नाम की सारी माया ,

राम नाम मे जगत समाया

राम नाम है सबसे प्यारा

राम नाम से जग उजियारा

हरि बिन एक पल बीते न तेरा भाई

राम सुमिरले.......

राम नाम का दीप जलाले

कष्टों से छुटकारा पाले।

अंतर का अंधियारा भागे।

राम नाम की जब लौ जागे।।

इस जीवन में राम ही एक सहाई

राम सुमिरले भाई.......

गीतकार /गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।