एसा बुढ़ापा आया रे दगा दे गयी जवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एसा बुढ़ापा आया रे धोखा दे गयी जवानी

पहला बुढ़ापा मेरे बालो में आया

बालो में आया मेरे बालो में आया

डाई ने लाज बचाई रे धोखा दे गयी जवानी

दुसरा बुढ़ापा मेरे नैनो मे आया

नैनो में आया मेरे नैनो में आया

चश्मे ने लाज बचाई रे धोखा दे गयी जवानी

तीसरा बुढ़ापा मेरे दांतों मे आया

दांते में आया मेरे दांतों में आया

रबड़ी ने लाज बचाई रे धोखा दे गयी जवानी

चौथा बुढ़ापा मेरे चेहरे पे आया

चेहरे पे आया मेरे मुखड़े पे आया

फैशियल ने लाज बचाई रे धोखा दे गयी जवानी

पांचवा बुढ़ापा मेरे घुटनों में आया

घुटनों में आया मेरे पैरो में आया

लाठी ने लाज बचाई रे धोखा दे गयी जवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।