जय शिव शंकरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिवाया वो वो वो ऊँ शम्भु नाथाया

अमृतं ब्रम्हा, अमृतं विष्णु

अमृतं देवो महेश्वराया

अमृतं साक्षात् परब्रम्ह

तस्मे श्री अमृतये नम:

शिव शिव शिव शिव शिव शिव शंकराया

बम बम बम बम बम भोलेनाथा

शिव शिव शिव शिव शिव शिव शंकराया

बम बम बम बम बम भोलेनाथा

मस्त मलंग दुनिया से मैं तंग

होने को मगन पीता हूँ मैं दम

आजा मेरे संग भूलेगा तू गम

ले ले के चिलम बस खींच के दम

बोल बम बोल बम बोल बम बोल बम

बोल बम, बोल बम

तू लगा के दम

बोल बम, बोल बम

बोल बम, बोल बम

बोल बम, बोल बम

तू लगा के दम

जय शिव शंकरा जय शिव शंकरा हरि ऊँ

जय शिव शंकरा परमेश्वरा

जय शिव शंकरा हरि ऊँ

जय शिव शंकरा जय शिव शंकरा

जय शिव शंकरा हरि ऊँ

जय शिव शंकरा परमेश्वरा

जय शिव शंकरा हरि ऊँ

ऊँ नम: शिवाय ऊँ नम: शिवाय

ऊँ नम: शिवाय ऊँ नम: शिवाय

आह पहाड़ी प्रिंस बेबी

दिन रात पिंदा भंग रहन्दा परचंड

रहूँ सन्न तेरा आशीर्वाद

भोलेनाथ मेरे सर पर हर पल

तू ही साथ यहाँ मेरे साथ यहाँ

कोई न सिवाए भोलेनाथ तेरे

दिन रात तेरा ही पुजारी भोलेनाथ मेरे

दिन रात तुझे याद करूँ भोलेनाथ मेरे

दिन रात तुझे प्यार करूँ भोलेनाथ मेरे

दिन रात यही आस करूँ भोलेनाथ मेरे

बचा लो न मुझको तुम इस मायाजाल से

होती तकलीफ मुझे दुनिया के हाल से

मिलती तस्सल्ली मनाली के माल से

दुनिया शुरू और ख़तम महाकाल से

क्लिक क्लिक बूम बूम

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

जाने कैसी लगी ये धुन

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

खोल कान और सुन सुन

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम गुम गुम

क्लिक क्लिक बूम बूम

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

शम्भु शंकर नम: शिवाया

गिरजा शंकर नम: शिवाया

शम्भु शंकर नम: शिवाया

गिरजा शंकर नम: शिवाया

शिवाये भोलेनाथ मेरे प्राण नाथा

रक्षा करि महादेव रक्षा करि त्रिलोकनाथा

क्लिक क्लिक बूम बूम

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

क्लिक क्लिक बूम बूम

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

जाने कैसी लगी ये धुन

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम गुम गुम

क्लिक क्लिक बूम बूम

शम्भु के प्यार में हुआ गुम गुम

शम्भु…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।