बालाजी पे चढ़े सिन्दूर कहियो म्हारे भक्ता ने

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी पे चढ़े सिन्दूर कहियो म्हारे भक्ता ने

जब म्हारे बालाजी बागा में आये

बागा में आये म्हारे बागा में आये

बागा में खिल गए फूल कहियो म्हारे भक्ता ने

जग म्हारे बालाजी आँगन में आये आंगन में आये

म्हारे अगन में आये आँगन में हो रही जगरात

जब महारे बालाजी द्वार पे आये द्वारे पे आये

म्हारे द्वारे पे लडडुआ का चढ़ गया भोग कहिये म्हारे बालाजी

जब महारे बालाजी द्वार पे आये

बालाजी पे चढ़े सिन्दूर कहियो म्हारे भक्ता ने

बालाजी पे चढ़े सिन्दूर कहियो म्हारे भक्ता ने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।