मैया रंग दो चुनरिया मेरी रंग रंगीले में

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मैया रंग दो चुनरिया मेरी रंग रंगीले में

मैया मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में

मैया मैं तो ओढ़ के जाऊं सत्संग के मेले में

इस घर की मोह माया में मेरो राम भजन ना होवे

मैया मेरो जी घबरावे घर के झमेले में

मैया मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में

इस घर की मोह मैया छूटवा दो

मेरा हरि में ध्यान लगा दो

मैया मोए दर्शन दे दो आके अकेले में

मैया मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में

मात पिता और भ्राता सब है जीते जी का नाता

मैया ये तो झूठा नाता रहना अकेले में

मैया मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में

मैंने के लिया तेरा सहारा मैं तो बन गया दास तुम्हारा

मैया मोए पार लगा दो दुनिया के झमेले से

मैया मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।