आया सावन का त्यौहार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अमरनाथ जी जय हो,

शिव शंकर की जय हो,

महादेव की जय हो।

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार,

है जाना अमरनाथ के द्वार,

वही पर है अपना उद्धार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

झूठी मोह माया छोडो,

अमरनाथ चालो जी,

चाहे तू अकेला चाल,

चाहे साथ चालो जी,

बोले दसो दिशाएं,

बात टालो जी,

जय जय अमरनाथ,

छोडो मोह संसार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

श्रद्धा और भावना का,

पूरा संसार है,

कोई चला पैदल,

कोई घोड़े पर सवार,

अपनी अपनी सोच और,

अपने विचार हैं,

बोलो क्या है विचार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

शीतल समीर राग,

शिव जी के गाती है,

कथा अमरनाथ की,

पहाड़िया सुनाती है,

भक्त चलते जाते,

सीत कुछ ना कर पाती है,

कैसा चमत्कार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

जय जय बाबा अमरनाथ,

जय बाबा बर्फानी,

भूखो को देते अन्न,

प्यासों को पानी जी,

तेरी शक्ति सारे जग ने,

है मानी जी,

अरज करे है कुमार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

है जाना अमरनाथ के द्वार,

वही पर है अपना उद्धार,

है आया सावन का त्यौहार,

के भक्तों हो जाओ तैयार।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।