हारे हारे हारे हारे के सहारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब प्रेमी कही पे कोई रोता है,

आँख के आसु चरण को धोता है,

अक्सर तन्हाई में तुजे पुकारे,

क्या जोर दिल पे चले...

हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

तू है मेरा इक साँवरा,

में हु तेरा इक बावरा...

सुनता नहीं क्यों मेरी भला क्यू,

इतना बता दे क्या माजरा...

आता नहीं है समज,

कुछ मुझे...

हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे .

तुम ने दिया मुझे को प्रभु सब,

दिल की कहु सुनलो प्रभु अब...

तेरे भरोसे रहू सांवरे...

हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

तू सात है तो डर ना सताये,

हर वक्त मेरा साथ निभाये...

खाटू बुला कर दुकडे मिटाये,

कैसे कन्हैया कर्ज चुकाये...

इतना बतादे मुझे सांवरे...

हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

जब जब प्रेमी कही पे कोई रोता है

आँख के आसु चरण को धोता है

अक्सर तन्हाई में तुजे पुकारे क्या जोर दिल पे चले हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे... ...

हम हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

हो हो हो हारे हारे हारे...

तुम हारे के सहारे...

―――जय श्री श्याम――

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।