ईतनोबड़ो म्हारो भाग्य है म्हारा बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ईतनो बड़ो म्हारो भाग्य है

म्हारा बाबा था सो देव मिल्या म्हान राजी राखो जी ओ बाबा श्याम जी|

सगला न राजी राखो जी ओ बाबा श्याम जी!

सावरा मोटा धनी और जग में थारो नाम है,

बड़ा बड़ा थे कारज सार्या,छोटो सो म्हारो काम है,

अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो,जोर कुछ चाले नहीं,

थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं,

नित उठ थारो ध्यान धरां म्हारा बाबा,घनी करां मनुहार,

पलक उघाड़ो जी..ओ बाबा श्याम जी .

सगळा नै राजी राखिजो,ओ बाबा श्याम जी|

श्याम म्हारी जिंदगी और श्याम ही म्हारा प्राण है,

श्याम ही जद रूठगी तो जीने को के काम है,

भूल सारी माफ़ कर द्यो,चरणां स्यूं लेवो लगाय,

ठोकरां खाई बोहोत,अब आके सही रस्तो दिखा,

थारे बिना कईयां जीवस्या ओ म्हारा बाबा थे ही दिन्या बिसराय,

ओल्यू थारी आवे जी..ओ बाबा श्याम जी .

सगळा नै राजी राखिजो,ओ बाबा श्याम जी |

9887140192

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।