गोरा घोट री भंगिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा घोट रही भंगिया धीरे धीरे,

देखो धीरे धीरे,

गोरा घोट रही भंगिया......

भोले जी को भंगिया प्यारी भंगिया प्यारी भंगिया प्यारी

भंगिया ले आये भोले धीरे धीरे,

गोरा घोट रही भंगिया....

भंगिया घोट के गोरा हारी छाले पड़ गए हाथो में,

देखो धीरे धीरे ,

गोरा घोट रही भंगिया....

गोरा के हाथ में देख के छाले,

ले आये मिक्स्सी देखो धीरे धीरे

गोरा घोट रही भंगिया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।